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Monday, June 15, 2026

Upsc best books for pre

Building a strong foundation for the UPSC Preliminary Examination requires a combination of NCERT textbooks for conceptual clarity and standard reference books for in-depth subject knowledge.

Core Foundation: NCERT Textbooks
NCERTs are the backbone of UPSC preparation. Aim to complete these for History, Geography, Polity, and Economics (Classes 6–12 where applicable) to build your base.

Subject-Wise Recommended Books
Subject Recommended Book(s)
Indian Polity Indian Polity by M. Laxmikanth
Modern History A Brief History of Modern India (Spectrum Publications)
Ancient/Medieval History Old NCERTs (R.S. Sharma & Satish Chandra)
Geography NCERTs (Class 11 & 12) + Certificate Physical and Human Geography (G.C. Leong)
Economy Indian Economy by Ramesh Singh or Nitin Singhania
Environment Environment by Shankar IAS Academy
Art & Culture Indian Art and Culture by Nitin Singhania
Atlas Oxford School Atlas (for map-based questions)
Preparation Strategy & Essential Additions
Current Affairs: This is crucial. Supplement your static books with a daily reading of The Hindu or The Indian Express. Monthly magazines like Yojana or Kurukshetra are also highly recommended for government policy insights.
CSAT (Paper II): Do not ignore this qualifying paper. Use A Modern Approach to Verbal & Non-Verbal Reasoning by R.S. Aggarwal for reasoning and practice previous years' question papers to build speed and accuracy.
Previous Year Questions (PYQs): Analyzing the last 10 years of UPSC Prelims papers is non-negotiable. It helps you understand the exam pattern and the "language" of UPSC questions.
Recommended CSAT Resources
Reasoning: Analytical Reasoning by M.K. Pandey or A Modern Approach to Verbal & Non-Verbal Reasoning by R.S. Aggarwal.
Comprehensive: CSAT Manual by Tata McGraw Hill or Pearson.

केंद्र शासित प्रदेश (Union Territory)

भारत के वे प्रशासनिक क्षेत्र हैं, जिनका शासन सीधे केंद्र सरकार (Central Government) द्वारा चलाया जाता है। भारत के राज्यों की अपनी चुनी हुई सरकारें होती हैं, लेकिन केंद्र शासित प्रदेशों में केंद्र सरकार का सीधा नियंत्रण होता है।

मुख्य विशेषताएँ:

  • प्रशासन: यहाँ का प्रशासन भारत के राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त एक 'प्रशासक' (Administrator) या 'उप-राज्यपाल' (Lieutenant Governor) के माध्यम से चलाया जाता है।
  • राज्य से भिन्न: ये प्रदेश पूर्ण राज्य नहीं होते, इसलिए इनकी शासन प्रणाली राज्यों से अलग होती है।
  • विधानसभा: अपवाद के रूप में, दिल्ली, पुदुचेरी और जम्मू-कश्मीर ऐसे केंद्र शासित प्रदेश हैं जहाँ अपनी विधानसभा और मुख्यमंत्री होते हैं, हालांकि उनकी शक्तियाँ पूर्ण राज्यों की तुलना में सीमित हैं।

भारत में वर्तमान में 8 केंद्र शासित प्रदेश हैं:

केंद्र शासित प्रदेशराजधानी
अंडमान और निकोबार द्वीप समूहपोर्ट ब्लेयर
चंडीगढ़चंडीगढ़
दादरा और नगर हवेली और दमन और दीवदमन
दिल्ली (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र)नई दिल्ली
जम्मू और कश्मीरश्रीनगर (ग्रीष्मकालीन) / जम्मू (शीतकालीन)
लद्दाखलेह
लक्षद्वीपकवरत्ती
पुदुचेरीपुदुचेरी

ये क्यों बनाए जाते हैं?

केंद्र शासित प्रदेश बनाने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे:

  • सामरिक महत्व: सीमावर्ती या सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र।
  • सांस्कृतिक विशिष्टता: किसी विशेष संस्कृति या विरासत को संरक्षित करने के लिए।
  • प्रशासनिक कारण: भौगोलिक स्थिति या प्रशासनिक प्रबंधन को सरल बनाने के लिए।

क्या आप इनमें से किसी विशिष्ट केंद्र शासित प्रदेश के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं?

Wednesday, June 3, 2026

मानव मस्तिष्क की जानकारियां

मस्तिष्क  मे 80% पानी होता है:-
मानव मस्तिष्क में 80% पानी होता है हमें लगता है कि मस्तिष्क के अपेक्षाकृत ठोस होता है किंतु ऐसा नहीं है मस्तिष्क में 80% पानी होता है

मस्तिक से दिन की अपेक्षा रात्रि को अधिक सक्रिय रहता है:-

क्योंकि दिन भर हमारा शरीर सक्रिय रहता है और रात को सो जाने पर वहां अपेक्षाकृत और क्रियाशील रहता है हम समझते हैं कि मस्तिक दिन में रात्रि की अपेक्षा अधिक सक्रिय होगा जबकि वास्तविक किया है कि मस्तिष्क दिन की अपेक्षा रात्रि को अधिक सक्रिय रहता है

मस्ती को कार्य करने के लिए मात्र 10 वाट विद्युत शक्ति की आवश्यकता होती है:-

जटिल से जटिल कार्य करने के लिए भी मस्तिष्क को अधिकतम 208वाट शक्ति की आवश्यकता होती है

अधिक IQ वाले व्यक्ति को सपने भी अधिक दिखाई देते हैं:

आपका i.q. जितना अधिक होगा अर्थात आप जितने अधिक कुशाग्र बुद्धि के स्वामी होंगे उतने ही अधिक आपको सपने दिखाई देंगे यह बात अलग है कि वह अपने आपको याद ना रहे

मस्तिक का आकार बदल ता जाता है:-

तरुण अवस्था में मनुष्य सर्वाधिक प्रसन्न कल का सीन और आकांक्षा युक्त होता है और यही वह अवस्था है जबकि उसके मस्तिष्क का आकार भी बदल जाता है यहां तक कि इस अवस्था में वहां जोखिम वाले कार्य करने पर भी उतारू रहता है